From Dreams to Team India: The Journay of Kashvee Gautam भारत की विश्व कप विजेता क्रिकेट टीम में एक और नया नाम जुड़ा है जिसका नाम है काश्वी गौतम जो की तेज गेंदबाज है। जो लगातार से घरेलू क्रिकेट में बहुत ही शानदार प्रदर्शन करते आ रही है। और विकेट पर विकेट चटकाती चली आ रही है। तो जानते हैं कि काश्वी गौतम के भारतीय टीम तक पहुँचने की कहानी, भारतीय टीम में उनका चयन, कई बार चोट लगने पर घायल होना और फिर एक बेहतरीन खिलाड़ी की तरह उस चोट से वापस उभरना। उनके शानदार प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें वुमेन प्रीमियर लीग में भारी कीमत देकर खरीदा गया था।From Dreams to Team India: The Journay of Kashvee Gautam

भारतीय क्रिकेट टीम में काश्वी गौतम का चयन
भारतीय क्रिकेट टीम हमेशा से नए उभरते टैलेंटेड खिलाड़ियों पर हमेशा भरोसा दिखाई चली आई है। काश्वी गौतम की तेज गेंदबाजी की गति, उनकी सटीक लाइन और लेंथ, दोनों तरफ होने वाली उनकी स्विंग ने राष्ट्रीय चयनकर्ताओं का ध्यान उनकी और आकर्षित किया। उनके शानदार प्रदर्शन को देखते हुए राष्ट्रीय चयनकर्ताओं ने उन्हें भारतीय महिला क्रिकेट टीम में चूनने का फैसला लिया।
वुमेंस प्रीमियर लीग में शानदार प्रदर्शन
काश्वी गौतम की जबर्दस्त गेंदबाजी को देखते हुए गुजरात जॉइंट ने उन्हें भारी कीमत देकर खरीदा। घरेलू प्रदर्शन करने वाली काश्वी गौतम WPL में आक्शन में चुने जाने पर उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के साथ खेलने का मौका मिला। इस अनुभव के बलबूते उन्होंने अपनी प्रतिभा को और अधिक निखार। इन्ही मैचौं ने इनके आत्मविश्वास और उनके प्रदर्शन को बहुत ही बेहतरीन बनाया।https://fasttrackkhabre.com/super-8-powerful…e-vs-west-indies/
फाइटिंग स्पीरीट:The Journay of Kashvee Gautam
एक खिलाड़ी को अपने जीवन में हमेशा अच्छे फ़ॉर्म से, चोटों से, बेहतरीन प्रदर्शन के प्रेशर से गुजरना ही पड़ता है। काश्वी गौतम को भी खेल के दौरान चोटिल होकर कुछ समय के लिए मैदान से बाहर बैठना पड़ा लेकिन काश्वी गौतम बचपन से ही एक फाइटिंग स्पिरिट वाली खिड़की हैं। उन्होंने हार नहीं मानी और मैदान से बाहर रहकर उन्होंने अपना पूरा ध्यान चोट से उभरने और फिटनेस पर ध्यान दिया। लगातार अभ्यास करती रही और मानसिक रूप से खुद को मजबूत भी किया। जब वह वापस से मैदान पर आई तो वह पहले से भी ज्यादा आत्मविश्वास और आक्रामकता से भरी हुई नजर आई।
घरेलू क्रिकेट में झंडे गाडे
From Dreams to Team India: The Journay of Kashvee Gautamभारत की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम में शामिल होने से पहले काश्वी गौतम ने WPL में तो अच्छा प्रदर्शन किया ही है, साथ ही साथ उन्होंने अंदर-19 और सीनियर लेवल पर भी अपनी गेंदबाजी का लोहा मनवाया है। उनकी गेंदबाजी की सबसे बड़ी ताकत यह है कि नई गेंद से विकेट निकालना। एक खिलाड़ी को तब चुनौतियों का सामना करना पड़ता है जब वह डेथ ओवर्स में बॉलिंग करने आता है। काश्वी गौतम ने डेथ ओवर्स में भी अपनी गेंदबाजी का प्रदर्शन किया। कम से कम रन देते हुए ज्यादा से ज्यादा विकेट उन्होंने हासिल किए हैं। कई मैचों में काश्वी गौतम ने केवल अपनी गेंदबाजी के बल पर टीम को जीत दिलाई है।
मेरी तेज बॉलिंग मेरी पहचान
भारतीय महिला क्रिकेट टीम में तेज गेंदबाजों की वैसे ही कमी है। इस कमी को पूरा किया भारत की उभरती युवा खिलाड़ी काश्वी गौतम ने काश्वी गौतम की गेंदबाजी में हमें स्विंग देखने को मिलता है, साथ ही साथ बाउंस भी देखने को मिलता है, उनकी गेंद टप्पा खाकर इनस्विंग भी होती है और आउट स्विंग भी होती है। काश्वी गौतम खास करके पावर प्ले में बहुत ही आक्रामक गेंदबाजी करती है और विपक्षी बल्लेबाजों पर अपना दबाव बनाए रखती है।
बैखौफ़ और बिंदास स्वभाव
काश्वी गौतम बचपन से ही स्वभाव से बैखौफ़ और बिंदास स्वभाव की रही है। उनकी गेंदबाजी में भी उनका यही स्वभाव नजर आता है। बचपन से ही उन्हें लड़कों की तरह रहना, लड़कों की तरह कपड़े पहनना, लड़कों की तरह बाल कटवाना पसंद था। इसके लिए आस पड़ोस के लोगों ने भी काश्वी के माता-पिता को काफी टोका लेकिन काश्वी के माता-पिता ने हमेशा अपने बच्चों का साथ दिया उन्होंने बच्चों की खुशी को ही अपनी ख़ुशी मना उनके माता-पिता खास स्कूल के प्रिंसिपल से रिक्वेस्ट करके उसे लड़कों का यूनिफॉर्म पहनने की परमिशन दिलवाते थे क्योंकि उन्हें लड़कियों की यूनिफॉर्म पहनना बिल्कुल पसंद नहीं था काश्वी गौतम एक तरह से नेचुरल टैलेंटेड गेंदबाज है।https://youtu.be/RGyVtb2SYoQ?si=wvfdu4ZIryIAl_oT
काशवी गौतम का बचपन
काश्वी गौतम को बचपन से ही फास्ट फूड कोल्ड ड्रिंक्स, पिज़्ज़ा, बर्गर खाना यह सारी चीज बहुत पसंद थी। लेकिन काश्वी गौतम अपनी धुन की इतनी पक्की है कि अपने करियर को लेकर अपने डिसिप्लिन को लेकर उन्हें यह सारी चीज छोड़नी पड़ी और उन्होंने अपने फिटनेस के लिए इन सारी चीजों का हँसते-हँसते त्याग कर दिया।