Sugar Craving आखिर है क्या? आपने खुद ने भी कभी महसूस किया होगा की कभी-कभी खाना खाने के बाद अचानक कुछ मीठा खाने का मन करता है। अगर आपके साथ भी ऐसा होता है तो आप अकेले नहीं है। मीठा खाने की इच्छा होना यानी कि Sugar Craving होना एक सामान्य-सी बात है ।
Sugar Craving के कारण सिर्फ मनुष्य की इच्छा शक्ति का कम होना ही नहीं होता है बल्कि Sugar Craving के पीछे कुछ शारीरिक और मानसिक दोनों ही कारणों की अहम भूमिका होती है। Sugar Craving का मतलब है कि आपका शरीर और मन किसी मीठे चीज को खाने की तेज इच्छा प्रकट कर रहा है। जैसे चॉकलेट , मिठाई, केक, कुकीज या आइसक्रीम इत्यादि।
आखिर होती क्या है Sugar Craving
Sugar Craving यानी मीठा खाने की इच्छा के पीछे कई वैज्ञानिक कारण भी है और कई मानसिक कारण भी होते हैं।
मनुष्य के दिमाग का रिवॉर्ड सिस्टम
जब भी मनुष्य को मीठा खाने की इच्छा होती है तो उसके दिमाग में डोपामाइन और सेरोटोनिन जैसे केमिकल्स रिलीज होते हैं यह दोनों ही हार्मोन मनुष्य को खुशी और संतुष्टि प्रदान करते है। जिसके कारण मनुष्य को बार-बार मीठा खाने की इच्छा होती है।
एनर्जी की कमी होना
ब्लड शुगर ड्रॉप
कई मनुष्य ऐसे होते हैं जो लंबे समय से कुछ नहीं खाते या अपने भोजन को बहुत ही संतुलित रखते हैं। जिसकी वजह से उनके शरीर में ऊर्जा की कमी होने लगती है। ऐसे में मनुष्य के शरीर को तुरंत ऊर्जा प्रदान करने के लिए मनुष्य अक्सर मीठा खाता है। यह उसके शरीर और मन दोनों की इच्छा होती है। इसलिए अक्सर शाम को तीन चार बजे मीठा खाने का मन करता है।
नींद की कमतता होना
आज के आधुनिक युग में मनुष्य अक्सर अलग-अलग शिफ्ट में काम करता है या देर रात तक मनुष्य को जागना पड़ता है। जिसकी वजह से शरीर के हार्मोनल बैलेंस बिगड़ जाते हैं। जिसकी वजह से भूख मनुष्य को कम लगने लगती है और Sugar Craving बढ़ जाती है। जिसकी वजह से थका हुआ शरीर जल्दी एनर्जी चाहता है इसलिए शुगर खाने की इच्छा या मीठा खाने की इच्छा उसे होती है।
चिंता और तनाव
जब भी मनुष्य के जीवन में किसी प्रकार का तनाव आता है तो उसका शरीर कोर्टिसोल हार्मोन को बढ़ाता है। इस हार्मोन के बढ़ने से मनुष्य को अक्सर मीठा और हाई कैलोरी फूड खाने की इच्छा होती है इसलिए जब भी इंसान तनाव में होता है तो उसे Comfort Food यानी मिठाई या चॉकलेट खाते हुए हम देखते हैं।
मनुष्य की आदतें और इमोशनल कनेक्शन
अक्सर मनुष्य आदतन तौर पर खाना खाने के बाद कुछ ना कुछ मीठा खाता है जिसकी वजह से उनके शरीर की या उनकी एक आदत बन जाती है मीठा खाने की। इसी तरह कई लोग ऐसे भी होते हैं जब कोई दुख हो या खुशी हो उस समय भी मीठा खाने लगते हैं। चलो जानते है।
Sugar Craving बुरी होती है या नहीं
मनुष्य को कभी-कभी मीठा खाने की इच्छा होना यह एक सामान्य-सी आदत समझी जा सकती है। लेकिन समस्या कब होती है। जब आप रोज ज्यादा से ज्यादा मीठा खाने लगते हैं और इस इच्छा पर, Sugar Craving पर आपका कोई काबू नहीं रहता है।
शुगर क्रेविंग को स्वस्थ तरीके से काबू करना
भोजन में बैलेंस डाइट का समावेश करना। हमें अपने प्रत्येक भोजन में इन चीजों का समावेश करना चाहिए:
प्रोटीन (दाल, अंडा ,पनीर)
फाइबर फूड (सब्जियाँ, फल ,सलाद)
हेल्दी फैट
इसे खाने से आपका पेट लंबे समय तक भरा हुआ रहता है। जिसकी वजह से Sugar Craving की आदत कम होती है।
पूरी नींद लेना
मनुष्य को रोज 7 से 8 घंटे की पूरी नींद लेनी चाहिए। अगर पूरी नींद लेने की आदत को भी इंसान अपनी रोजमर्रा की आदतों में समाविष्ट कर लेता है तो Sugar Craving को वह काफी हद तक कम कर सकता है।
चिंता तनाव को कम करना स्ट्रेस को मैनेज करने के लिए कुछ आदतों का अपने रोजमर्रा के जीवन में समावेश करना चाहिए
ध्यान, धारणा, प्राणायाम करना योगासन करना
वॉक या एक्सरसाइज करना
मीठा खाना पूरी तरह से वर्जित ना करें
अचानक से पूरी तरह मीठा खाना छोड़ने भी गलत तरीका ही होता है। मीठा खाएँ लेकिन कम मात्रा में खाएँ। और मीठा के साथ-साथ प्रोटीन का भी अपने आहार में समाविष्ट करें।
मिठाइयों की जगह हेल्दी स्वीट ऑप्शन
फ्रेश फ्रूट से बनी मिठाइयाँ फल प्राकृतिक होते है और हेल्दी भी होते हैं। कई मिठाइयाँ ऐसी भी होती है जिसमें शुगर काफी कम होती है। लेकिन वे हेल्दी मिठाइयाँ होती है। फ्रोजन फ्रूट फ्रोजन फल से आप बिना शुगर वाला सॉर्बिट बना सकते है।
ड्राई फ्रूट खजूर ,किशमिश, सूखे आम या इससे बनी हुई नेचुरल कैंडी आप खा सकते हैं।
कुछ बेहतर नुस्खे
Sugar Craving की आदत को कम करने के लिए पानी ज्यादा पिए।
कई बार प्यास को भी हम क्रेविंग समझ लेते है।
लंबे गैप में खाना ना छोड़े
जंक फूड घर में कम से कम रखें
डोपामिन और मीठे का चोली दामन का संबंध
जब भी आप मिठाई, केक या चॉकलेट खाते हैं तो :
डोपामिन तेजी से बढ़ने लगता है।
आपको तुरंत खुशी मिलती है।
इसका परिणाम यह होता है:
बार-बार मीठा खाने का मन करता है।
Sugar Craving बनी रहती है।
डोपामिन ज्यादा या कम होने पर आखिर होता क्या है:
कम डोपामिन से
उदासी
मोटिवेशन की कमी
थकान महसूस होना
ज्यादा डोपामिन
किसी चीज की लत लग जाना।
बार-बार वही काम करने की इच्छा होना।
डोपामिन को प्राकृतिक तरीके से बढ़ाने के तरीके
बिना मीठा खाए भी आप डोपामिन को बढ़ा सकते हैं:
प्रतिदिन एक्सरसाइज करें ।
धूप में ज्यादा समय बिताए।
पसंदीदा गाने या म्यूजिक सुने
हेल्दी खाना खाएँ।
पूरी नींद ले।
किसी भी मनुष्य को Sugar Craving होना बिल्कुल सामान्य-सी बात है। भारत त्योहारों का देश है और हर अवसर पर कुछ ना कुछ मीठा ही बनाया जाता है। मीठा खाना यह आपके शरीर का एक संकेत है कि शरीर को ऊर्जा, आराम या भावनात्मक संतुलन की आवश्यकता है। मनुष्य को खुद का अवलोकन करना चाहिए और Sugar Craving के कारण खुद का अवलोकन करके समझना चाहिए।
Sugar Craving को पूरी तरह कम ना करते हुए उसमें संतुलन बनाना चाहिए।
किसी भी चीज के Restrict करने की जगह Balance करना ही असली स्वास्थ्य का राज है।